पीथमपुर
ऐंसिलरी यूनिट का मालिक
मशीन लगी है, ऑर्डर आते हैं, पर सब एक या दो बड़े ग्राहकों से। पेमेंट नब्बे दिन में आता है और कच्चा माल नक़द में जाता है। क्षमता आधी खाली पड़ी है, फिर भी नया काम लेने में डर लगता है — क्योंकि यह पक्का नहीं कि उस पर कमाई है भी या नहीं। दिन शॉप फ़्लोर पर निकल जाता है, और महीने के आख़िर में हिसाब देखकर सवाल उठता है कि इतनी मेहनत गई कहाँ।